विषय : घर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में हम नारियों की सहभागिता।”नारी किसी से कम नहीं, ना है वो किसी परिस्थिति में हारी ।पूरे घर को अकेले ही संभाल लेती,जब- जब आए विपदा भारी।”नारी के बुलंद हौसलो को सलाम , विपरीत परिस्थिति में भी लेती है वह सूझबूझ से काम—घर के छोटे-छोटे कामों से बचत— खाना बनाना, सफाई करना ,बच्चों को पढ़ाना, घर के किसी भाग में जगह खाली हो तो, फल -फूल ,साग -सब्जी आदि लगाना , नशीली चीजों के सेवन से बचना ओर बचाना।2.घर बैठे व्यवसाय —- अपने हुनर को बाहर निकाल घर में ही होबी क्लास खोलना जैसे सिलाई , चित्रकला,नृत्य-संगीतकला, ब्यूटी पार्लर , ट्यूशन पढ़ाना , केक बनाना ,मेहंदी लगाना,कुकिंग- बेकिंग आइसक्रीम इत्यादि ।लिखने का शौक हो तो अपना ब्लॉगिंग बनाना । यूट्यूब से जानकारी ले हम खुद भी बहुत कुछ सीख कर बच्चों को सिखा सकते हैं, बिना क्लास करवाएं। ऑनलाइन बिजनेस करना।बदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य के लिए छोटे-छोटे घरेलू नुस्खे भी अपनाना।लिस्ट और बजट से बचत– खरीदारी करते समय हमेशा एक लिस्ट और बजट तैयार करके ही घर से निकले, जिससे केवल जरूरत के समान ही देखेंगे और खरीदेंगे ।व्यवसाय में साथ और हौसला देना —–अकाउंट चेक करना ,टेली करना,प्रोजेक्ट प्लानर इत्यादि घर बैठे ही बनाकर व्यवसाय में साथ दे उसे आगे बढ़ाना। विपरीत परिस्थिति में घर की आधी परेशानी तो हमारी आंतरिक प्रसन्नता ,संयमता और हौसला देने के साथ ही समाप्त हो जाती है।5.दिखावे से बचना—-शादी, सालगिरह, जन्मदिवस या कोई भी छोटी पार्टी को बड़ा और भव्य रूप देने की बजाय। बिना दिखावे के सुंदर ,सुचारू और व्यवस्थितव रूप से मनावे।