“जीवन”

जीवन से जुड़े, हर रिश्ते रंग भरते हैं,
कभी इन रिश्तों से मिलती है खुशी,
तो कभी आंखो में नमी।
फिर भी यह सारे रिश्ते, बेजोड़ कहलाते हैं ।
जिनके एहसास जीवन भर भी ना मिट पाते हैं ।
जैसे कली रहती है, कांटो के बीच
दर्द में भी अपने जीवन को सीच।
ना घबराती है, तूफानों के थपेड़ों से।
आंधी ,धूप, बारिश कितनी भी पड़ जाए उसपे।

जीवन सार्थक समझती है अपना,
जब हर मौसम को झेल,
फूल बन अर्पण हो जाती है

प्रभु चरणों में। हमारे जीवन का लक्ष्य भी हो वही,
। हार के बाद भी हम, जीवन में हारे नहीं।

पितरों को समर्पित

  है “पितृ देवता” ,आप के बाद भी
हर घड़ी हम ने,
आप के साथ ही गुज़ारी है ।
नमन- वंदन है, हर कदम आपको।
पुरखो में शामिल होकर भी,
हर पथ -हर पल पर्चा दिया सबको भारी है।
भुला नहीं सकते ,हम आपको
हर दिन दीप प्रज्वलित होता आपके नाम का
यह जीवन तो आपका ही,
ऋणी हैं ,आभारी हैं।