नया साल का हो सुंदर आगमन,
आओ मिलकर यही प्रार्थना करे हम।
ये दिल तो चाहता सबका सदैव नयापन,
लेकिन हरी भरी प्रकृति से ही केवल
सुरक्षित है हमारा ये जीवन,
तो अब ना हिस्से आए, किसी के जीवन में,
अंधेरी गुमनाम सुरंग।
नया साल का हो सुंदर आगमन,
आओ मिलकर यही प्रार्थना करे हम।
बाते ज्यदा हो या मुलाकातें कम,
अहसासों की पोटली खोलू तो,
यादें होती ही नहीं कभी ख़तम।
नया साल का हो सुंदर आगमन,
आओ मिलकर यही प्रार्थना करे हम।
बीता हुआ साल कितनों को,
हृदय के करीब ले आया,
तो कितनों की जिंदगी में दे गया,
कभी ना मिटने वाला जहरीला गम।
नया साल का हो सुंदर आगमन,
आओ यही प्रार्थना करे, एक दूजे के लिए हम।
क्या खोया क्या पाया,
ये सोच सोच करे ना हम वक्त जाया,
ना ज्यादा ना कम,
जितनी सांसे बस उतना ही सबका जीवन,
तो क्यों ना करे,
नित्य नए हौसलों का हम Welcome,
नया साल का हो सुंदर आगमन,
आओ मिलकर यही प्रार्थना करें हम।
गमों के सैलाबों में भी,
मुस्कुराहटों का जुनून भर दे हम।
नफरतों की दीवारों में प्यार का रंग चढ़ाए,
गमों के पूराने इटे,
अगर बिखरे गए हो कहीं,
इधर उधर तो क्यों ना उन्हें भी इक्कठा कर,
खुशियों की सीमेंट से जोड़ा जाए।
बस इन्हीं ढेर सारी शुभकामनाओ के साथ,
सभी के लिए करता, मेरा ये मन आज वंदन।
नया साल का हो सुंदर आगमन
आओ मिलकर यही प्रार्थना करे, इस धरा के लिए
और एक दूजें के लिए हम।
मनीषा मारू
नेपाल