कुछ तो लगा मन को

कुछ तो लगा मन को

तभी टूटने लगा

एक कोने से रोने लगा

आंसू ना दिखा सकू

क्या हुआ किसी को

बता ना सकू

छुपाऊं तो घुटन में जीऊ

और अंतर्मन का टूटने से

खुद को भी ना बचा सकूं

ध्वजा तो मंदिर में लहराती है सदा।

हवाओं ने रुख बदली, सितारों ने चाल बदली।

मगर ध्रुव तो अटल रहता हैं अंबर पे सदा।

समुंद्र ने किनारे बदले, तूफानों ने लहरें बदली।

मगर जल तो जीवन- प्राण रहता हैं सदा।

पतझड़ ने मौसम को बदला ,नकाब ने चेहरों को बदला।

मगर बहारों में फूल खिलते हैं सदा।

धुन ने संगीत को बदला, ताल ने नृत्य को बदला।

मगर राग तो साज करती हैं अधरों पे सदा।

भावनाओं ने विश्वास को बदला, लोभ ने इंसान को बदला।

मगर हृदय नैन तो कराते है आत्म- दर्पण सदा।

हादसों ने जीवन को बदला, अखबारों ने खबरों को बदला।

मगर मुश्किलों में हौसला ही काम आता हैं सदा।

समय ने सूत्रों को बदला, दर्पण ने सौंदर्य को बदला

मगर धरा के श्रृंगार से ही मानव सजता है सदा।

शंखनाद की गूंज बदली, घंटियों की ध्वनि बदली।

मगर ध्वजा तो मंदिरों पे लहराती है सदा।

मनीषा मारू

अपेक्षाओं के दुःख घनेरे

मत करो किसी से अपेक्षा

आगे बढ़ते चले जाओ अकेले ही।

खुद ही कर्मठ बनो,

हौसला ना हरो हारकर भी।

उतार चढाव हैं जिंदगी,

रात अंधेरी तो फिर होगा सुनहरा सबेरा भी।

अडिग रहो अपने पथ पर

तो निश्चित पा ही लोगे अपना लक्षय भी।

विषय : घर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में हम नारियों की सहभागिता। “नारी किसी से कम नहीं, ना है वो किसी परिस्थिति में हारी ।पूरे घर को अकेले ही संभाल लेती,जब- जब आए विपदा भारी।” नारी के बुलंद हौसलो को सलाम , विपरीत परिस्थिति में भी लेती है वह सूझबूझ से काम— 1. घर के छोटे-छोटे कामों से बचत— खाना बनाना, सफाई करना ,बच्चों को पढ़ाना, घर के किसी भाग में जगह खाली हो तो, फल -फूल ,साग -सब्जी आदि लगाना , नशीली चीजों के सेवन से बचना ओर बचाना। 2.घर बैठे व्यवसाय —- अपने हुनर को बाहर निकाल घर में ही होबी क्लास खोलना जैसे सिलाई , चित्रकला,नृत्य-संगीतकला, ब्यूटी पार्लर , ट्यूशन पढ़ाना , केक बनाना ,मेहंदी लगाना,कुकिंग- बेकिंग आइसक्रीम इत्यादि ।लिखने का शौक हो तो अपना ब्लॉगिंग बनाना । यूट्यूब से जानकारी ले हम खुद भी बहुत कुछ सीख कर बच्चों को सिखा सकते हैं, बिना क्लास करवाएं। ऑनलाइन बिजनेस करना।बदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य के लिए छोटे-छोटे घरेलू नुस्खे भी अपनाना। 3. लिस्ट और बजट से बचत– खरीदारी करते समय हमेशा एक लिस्ट और बजट तैयार करके ही घर से निकले, जिससे केवल जरूरत के समान ही देखेंगे और खरीदेंगे । 4. व्यवसाय में साथ और हौसला देना —–अकाउंट चेक करना ,टेली करना,प्रोजेक्ट प्लानर इत्यादि घर बैठे ही बनाकर व्यवसाय में साथ दे उसे आगे बढ़ाना। विपरीत परिस्थिति में घर की आधी परेशानी तो हमारी आंतरिक प्रसन्नता ,संयमता और हौसला देने के साथ ही समाप्त हो जाती है। 5.दिखावे से बचना—-शादी, सालगिरह, जन्मदिवस या कोई भी छोटी पार्टी को बड़ा और भव्य रूप देने की बजाय। बिना दिखावे के सुंदर ,सुचारू और व्यवस्थितव रूप से मनावे।

​घर के हालात

घर के हालात जब बिगड़ जाते हैं।

आते-जाते लोग मजा उड़ा जाते हैं।

अपने घर के हालातों को,

ना बेनकाब करो दुनिया के आगे।

उतार-चढ़ाव तो जीवन है,

एक दूसरे का हाथ थामे रहो सोए रहो चाहे जागे।