खुशहाली

बहुत सारी बातें, जो जीवन में खुशहाली लाती।

आनंद, उत्साह हृदय के अन्दर है फिर बढाती।

जैसे कोई नया कवर मै अपने जीवन में हूं चढ़ाती।

दिल की धड़कन भी है फिर हलचल मचाती ।

मत पूछ कैसे बताऊं तुम्हें मेरे साथी।

जीवन अधूरा लगता है , तुम्हारे बिन जैसे दिया बिना बाती।

कुछ तो लगा मन को

कुछ तो लगा मन को

तभी टूटने लगा

एक कोने से रोने लगा

आंसू ना दिखा सकू

क्या हुआ किसी को

बता ना सकू

छुपाऊं तो घुटन में जीऊ

और अंतर्मन का टूटने से

खुद को भी ना बचा सकूं