#राशि

सिंह राशि से जुड़ा हे मनीषा मारू का नाम,
हौसला बुलंद सदा रखती करने को हर काम।

जीत हार की कभी फिक्र ना करती ,
मौका जो मिल जाए मुझको एकबार,
अपनी प्रतिभा दिखने को रहती हरदम मैं तैयार।

प्रतिभा दिखना ही मैं अपनी ,सबसे बड़ी जीत समझती हु,
निर्णायक के नृण्य की मैं प्रतीक्षा कम ही करती हु।

विपरीत परिस्थितियों की चुनौती मैं हु स्वीकारती।
सिंह की तरह नहीं दहाड़ती ,
लेकिन अपने आत्मसम्मान के खिलाफ गर्जन जरूर हु करती।

जन्म जो मिला,कर्म अपने ही संग जाते हैं
अपने हिस्से की लड़ाई सबको लड़नी होती है
राशियों में ज्यादा कुछ ना रखा,
राशि तो राम और रावण की भी एक ही होती हैं।

©®मनीषा मारू
नेपाल

#दोस्ती#strong

अपने जैसा तुम मुझे भी strong बना दो,
बस इतनी सी दोस्ती कि रश्म निभा दो।
कर्जदार हो जाऊंगी तुम्हारी, ताउम्र के लिए,
जो लिखा था तुमने कागज के चन्द पन्नों पे मेरे लिए,
बस उन अल्फाजों को मेरे दिल से मिटा दो।
तुम्हारे लिए महज एक इत्तेफाक होगा,
तुम्हारा मेरा मिलना और उन कागज पर
अपनी लेखनी को उकेरना।
लेकिन मेरे लिए वह इत्तेफाक एहसास बन गया
और गुजरते वक्त के साथ पल पल नामी दे गया।
मेरे उन एहसासों के जज्बातों को
ना कोशिश की ना समझा होगा!
तुम्हें फर्क ही क्या पड़ता होगा,
चाहें कोई मायूस हरपल तुम्हारी खामोशी से रहता होगा।
सारी गलती तो मेरी ही होगी
और मुझपे ही तुम थोपोगे,
लेकिन इतना जनलो  उन गलतियों की वजह
भी तो सिर्फ तुम और तुम ही तो होते होगे।
दो तरफा रिश्ता जब एक तरफा  हो जाता है।
तो सदेव उस रिश्ते को अनदेखा कर
नैनो से छला जाता है।
एक और अपने आप को जो strong दिखलाता है।
ओर उसकी मुजबूती अभी भी बरकार है, यह बतलाता हैं
लेकिन दूजी ओर दूसरों के एहसासों को
बड़ी सख्ती से हरबार तोड़ ….जो खुद को मैं strong हु ये दिखता होगा, वो खुद भी कई बार जख्मी तो हो जाता होगा।

©®मनीषा मारू
नेपाल