बस तुम देखते जाओ…

जिंदगी में आगे बढ़ना है तो
बहरे बन जाओ।
सितारे ना सही अपने जीवन,
के तारे ही बन जाओ।

अपने स्वाभिमान को रख के जिंदा,
काम  तुम कुछ ऐसा कर जाओ।
छोटी-छोटी गलतियों से सीख लो,
हार के भी कोशिश करो कि
तुम बुलंदियों को छू जाओ।

मत रखो ओरो से उम्मीद,
खुद को करो बुलंद इतना
कि अपनी ख्वाहिशों को,
अपनी ही लगन मेहनत से तुम पा जाओ।

रात ही तो अक्सर,
चमकते तारों का जाल बुनती है।
जब अंधकार छा जाए
जीवन में तुम्हारे
उस वक्त तुम ना घबराओ
यूं समझ लेना चमकने वाले हैं
तुम्हारे भी जीवन के सितारे।
बस जी तोड़ मेहनत
अपने सपनों के लिए करते जाओ।

भीड़ में शामिल होकर भी ,
सबसे अलग दिख जाओ।
खुद ही खुद को तराशते जाओ
और अपने जीवन के हरपलों को
कुछ इस तरह से जी जाओ।

सबको खुश रखना
हमारे बस का नहीं,
इसलिए भगवान नही,
केवल सच्चे इंसान बन जाओ।

कठिन परिस्थितियां देगी तुम्हें चुनौती,
हर चुनौतियों को तुम स्वीकार करते जाओ।
रास्ते आसान  और मंजिल पास हो जाएगी
बस तुम देखते जाओ..बस तुम देखते जाओ।

मनीषा मारू
नेपाल